Hindu Time Hindi News 2026 में केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने भारत की मैन्युफैक्चरिंग ताकत पर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के बूम से 25 लाख नौकरियां बनी हैं और अब अमेरिका में बिकने वाला हर दूसरा iPhone भारत में तैयार हो रहा है।
Times Now Summit 2026 के मंच से केंद्र सरकार ने भारत की मैन्युफैक्चरिंग ताकत को लेकर बड़ा और आत्मविश्वास भरा दावा किया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि देश में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर तेजी से उभर रहा है और इसका असर रोजगार से लेकर वैश्विक बाजार तक साफ दिखाई दे रहा है।
अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में आई तेजी के चलते देश में अब तक करीब 25 लाख नौकरियां पैदा हो चुकी हैं। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि भारत सिर्फ एक उपभोक्ता बाजार नहीं रहा, बल्कि अब उत्पादन का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।
सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस बयान की हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा कि अब अमेरिका में बिकने वाला हर दूसरा iPhone भारत में बनाया जा रहा है। यह दावा भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि कुछ साल पहले तक iPhone का ज्यादातर उत्पादन चीन में होता था।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नीतियों और सुधारों का सीधा फायदा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिल रहा है। प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) जैसी योजनाओं ने कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आकर्षित किया है। इसके चलते कई बड़ी ग्लोबल कंपनियों ने भारत में अपने प्लांट लगाए हैं और उत्पादन बढ़ाया है।
मंत्री के मुताबिक, भारत अब सिर्फ असेंबली हब नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे वैल्यू चेन में ऊपर बढ़ रहा है। यानी अब देश में सिर्फ प्रोडक्ट जोड़ने का काम नहीं, बल्कि डिजाइन, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन पर भी फोकस बढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट के क्षेत्र में और मजबूत होगा। सरकार का लक्ष्य है कि देश को एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित किया जाए, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास दोनों को गति मिले।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह रफ्तार बनी रहती है, तो भारत आने वाले वर्षों में चीन को कड़ी टक्कर दे सकता है। खासकर मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है।
हालांकि, कुछ जानकार यह भी कहते हैं कि अभी भी सप्लाई चेन, स्किल डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में और सुधार की जरूरत है। अगर इन चुनौतियों को दूर कर लिया जाए, तो भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और तेजी से बढ़ सकती है।
कुल मिलाकर, Times Now Summit 2026 में दिया गया यह बयान भारत के बढ़ते औद्योगिक आत्मविश्वास को दर्शाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में आई तेजी और बढ़ती नौकरियों के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि देश अब वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग मैप पर मजबूत स्थिति बना चुका है और आने वाले समय में इसकी भूमिका और भी बड़ी होने वाली है।

