अगले कुछ दिनों में शेयर बाजार में कारोबार करने वालों के लिए अहम खबर सामने आई है। मार्च के आखिरी सप्ताह से लेकर अप्रैल की शुरुआत तक कुल 11 दिनों में से 7 दिन शेयर बाजार बंद रहने वाला है। ऐसे में ट्रेडिंग के मौके काफी कम हो जाएंगे और निवेशकों को अपनी रणनीति पहले से बनानी होगी।

दरअसल, इस अवधि में कई बड़े त्योहार और वीकेंड एक साथ पड़ रहे हैं, जिसकी वजह से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में ट्रेडिंग बंद रहेगी। बाजार में छुट्टियों की लंबी लिस्ट के चलते एक्टिव ट्रेडर्स और डेरिवेटिव सेगमेंट में काम करने वालों को खास ध्यान रखना होगा।
जानकारी के अनुसार, इस दौरान शनिवार और रविवार की साप्ताहिक छुट्टियों के अलावा कुछ प्रमुख त्योहार भी पड़ रहे हैं, जिनमें बाजार पूरी तरह बंद रहेगा। इसका सीधा असर इक्विटी, डेरिवेटिव और करेंसी सेगमेंट पर पड़ेगा। कम ट्रेडिंग दिनों के कारण वॉल्यूम में गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
ट्रेडिंग के कम दिनों का असर खासतौर पर वीकली एक्सपायरी पर देखने को मिलेगा। आमतौर पर हर हफ्ते गुरुवार को होने वाली एक्सपायरी शेड्यूल में बदलाव हो सकता है या ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी प्रभावित हो सकती है। ऑप्शन ट्रेडर्स के लिए यह समय ज्यादा सतर्क रहने का है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि इस तरह की लंबी छुट्टियों के बीच ग्लोबल मार्केट की हलचल का असर भारतीय बाजार पर एक साथ दिख सकता है। जब बाजार खुलेगा तो गैप-अप या गैप-डाउन ओपनिंग की संभावना बढ़ जाती है, जिससे जोखिम भी बढ़ सकता है।
निवेशकों के लिए यह समय अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करने का है। शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को सलाह दी जा रही है कि वे पोजिशन हल्की रखें और ज्यादा लेवरेज लेने से बचें। वहीं, लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह उतार-चढ़ाव अवसर भी बन सकता है।
कुल मिलाकर, आने वाले 11 दिन शेयर बाजार के लिहाज से सामान्य नहीं रहने वाले हैं। कम ट्रेडिंग सेशन्स के बीच बाजार की चाल तेज और अनिश्चित रह सकती है। ऐसे में समझदारी से कदम उठाना ही निवेशकों के लिए सबसे बेहतर रणनीति होगी।










