Bikaner News Today: बीकानेर में राजस्थान दिवस के अवसर पर लक्ष्मीनाथ मंदिर में देवस्थान विभाग की ओर से विशेष पूजा-अर्चना, भव्य श्रृंगार और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही और पूरा वातावरण भक्ति व उत्साह से सराबोर नजर आया।

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भक्ति और उत्साह से भरा रहा माहौल (Bikaner News Today)
राजस्थान दिवस के इस विशेष आयोजन में सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया और भगवान का भव्य श्रृंगार किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभूति प्राप्त हुई। पूजा-अर्चना के दौरान पूरे परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा।
जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानंद व्यास, जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि, तथा श्री ब्रह्म गायत्री सेवा आश्रम के अधिष्ठाता पंडित रामेश्वरानंद महाराज सहित अनेक जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा सुमन छाजेड़, श्याम पंचारिया, उपखंड अधिकारी महिमा कसाना, प्रशिक्षु आईएएस स्वाति शर्मा, नगर निगम उपायुक्त यशपाल आहूजा, पूर्व उपमहापौर राजेंद्र पंवार, कौशल शर्मा, देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त गौरव सोनी, निरीक्षक सोनिया शर्मा एवं किशन चौधरी सहित कई गणमान्यजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
अतिथियों का किया गया स्वागत
इस अवसर पर विधायक और जिला कलेक्टर का दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया गया। साथ ही ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ से संबंधित जानकारी दी गई और पुस्तकों का वितरण भी किया गया।
मुख्यमंत्री की पहल पर विशेष आयोजन
उल्लेखनीय है कि भजनलाल शर्मा की पहल पर इस वर्ष राजस्थान दिवस को विशेष रूप से चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनाया जा रहा है। इसी क्रम में 14 से 19 मार्च तक राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है।
पर्यावरण समिति और नगर निगम की भूमिका
लक्ष्मीनाथ मंदिर पर्यावरण विकास समिति के सीताराम कच्छावा और अन्य सदस्यों ने आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं नगर निगम द्वारा मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया, जिससे कार्यक्रम और अधिक आकर्षक बन गया।
प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की गई। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक परंपरा और एकता का भी संदेश देता नजर आया।




