Hawai yatra Hindu time Hindi News : नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एयरलाइंस 2026 के ग्रीष्मकालीन सत्र में पिछले साल की अवधि की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत कम उड़ानें संचालित करेंगी।
हवाई यात्रा करने वालों के लिए इस गर्मी एक अहम बदलाव देखने को मिलेगा। देश में 2026 के समर सीजन के दौरान फ्लाइट्स की संख्या में कटौती की जा रही है, जिससे यात्रियों की प्लानिंग और किरायों पर सीधा असर पड़ सकता है।
नागर विमानन महानिदेशालय यानी DGCA के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस साल एयरलाइंस पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 फीसदी कम उड़ानें संचालित करेंगी। यह फैसला समर शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जो आमतौर पर मार्च के अंत से शुरू होकर अक्टूबर तक चलता है।
फ्लाइट्स में इस कमी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सबसे प्रमुख वजह एयरक्राफ्ट की उपलब्धता और मेंटेनेंस से जुड़ी चुनौतियां हैं। कई एयरलाइंस को अपने विमानों की नियमित जांच और सर्विसिंग के चलते कुछ समय के लिए उन्हें ग्राउंड करना पड़ रहा है, जिससे कुल उड़ानों की संख्या प्रभावित हो रही है।
इसके अलावा, कुछ एयरलाइंस नए विमानों की डिलीवरी में देरी का भी सामना कर रही हैं। सप्लाई चेन से जुड़ी वैश्विक समस्याओं के कारण विमान निर्माता कंपनियों से समय पर डिलीवरी नहीं हो पा रही है, जिसका असर सीधे ऑपरेशन पर पड़ रहा है।
इस फैसले का असर यात्रियों पर भी देखने को मिल सकता है। फ्लाइट्स की संख्या कम होने से टिकटों की उपलब्धता घट सकती है, जिससे किराए बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। खासकर छुट्टियों और पीक सीजन के दौरान यात्रियों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।
हालांकि, एयरलाइंस का कहना है कि वे मांग और सप्लाई के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं। जिन रूट्स पर ज्यादा यात्री होते हैं, वहां उड़ानों की संख्या को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि यात्रियों को ज्यादा परेशानी न हो।
यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और टिकट समय रहते बुक कर लें। आखिरी समय में टिकट बुक करने पर ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है और सीट उपलब्धता भी कम हो सकती है।
एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह स्थिति अस्थायी हो सकती है और जैसे-जैसे नए विमान शामिल होंगे और मेंटेनेंस का काम पूरा होगा, उड़ानों की संख्या फिर से सामान्य हो सकती है। लेकिन फिलहाल समर सीजन में थोड़ी सावधानी बरतना जरूरी है।
कुल मिलाकर, 2026 की गर्मियों में हवाई यात्रियों को कम उड़ानों और संभावित महंगे टिकटों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में पहले से प्लानिंग करना और विकल्पों पर नजर रखना ही सबसे बेहतर रणनीति होगी।

