जयपुर: राजस्थान के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। PM Fasal Bima Yojana 2026 के तहत अब उन किसानों को भी बीमा का लाभ मिलेगा, जिनकी फसल कटाई के बाद खेत में खराब हो जाती है।
अब तक ऐसी स्थिति में किसानों को नुकसान झेलना पड़ता था, लेकिन नए फैसले के बाद बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और चक्रवाती प्रभाव से खराब हुई फसल भी बीमा कवरेज में शामिल कर दी गई है।

राज्य में पिछले कुछ समय से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कई इलाकों में अचानक बारिश और ओलावृष्टि के कारण रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खासतौर पर वे किसान, जिन्होंने फसल काटकर खेत में सुखाने के लिए रखी थी, उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत यह नया प्रावधान किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
कृषि विभाग के अनुसार, अब कटाई के बाद अधिकतम 14 दिनों तक खेत में रखी गई फसल अगर प्राकृतिक आपदाओं जैसे असामयिक बारिश या ओलावृष्टि से खराब होती है, तो उसे भी PM Fasal Bima Yojana के दायरे में शामिल किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब किसानों को व्यक्तिगत आधार पर हुए नुकसान की भरपाई का अधिकार मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ने वाला असर कम हो सकेगा।
इस फैसले के बाद सबसे ज्यादा फायदा उन किसानों को होगा जो मौसम की मार झेल रहे हैं। पहले यह समस्या थी कि फसल कटने के बाद यदि खराब होती थी, तो उसे बीमा में शामिल नहीं किया जाता था। लेकिन अब PM Fasal Bima Yojana 2026 में बदलाव के बाद यह स्थिति बदल गई है और किसानों को सुरक्षा का दायरा बढ़ा दिया गया है।
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए किसानों को कुछ जरूरी नियमों का पालन करना होगा। यदि किसी किसान की फसल खराब होती है, तो उसे 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा। यह सूचना किसान कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 14447 या फिर संबंधित बीमा कंपनी, बैंक या नजदीकी कृषि कार्यालय में दे सकता है। समय पर सूचना देना बेहद जरूरी है, क्योंकि देरी होने पर क्लेम रिजेक्ट भी हो सकता है।
सरकार ने बीमा कंपनियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि जैसे ही किसानों से फसल खराबे की सूचना मिले, तुरंत फील्ड सर्वे शुरू किया जाए। इसका उद्देश्य यह है कि नुकसान का सही आकलन किया जा सके और किसानों को जल्द से जल्द बीमा क्लेम का भुगतान मिल सके। साथ ही कृषि विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और किसानों को हर संभव मदद प्रदान करें।
PM Fasal Bima Yojana के तहत क्लेम प्रक्रिया में आमतौर पर करीब दो महीने का समय लगता है। जब किसान सूचना देता है, तो उसके बाद अधिकारी वेरिफिकेशन करते हैं और रिपोर्ट तैयार की जाती है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही क्लेम राशि किसानों के खाते में भेजी जाती है। हालांकि सरकार का प्रयास रहता है कि यह प्रक्रिया तेज हो, ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके।
किसान अपने बीमा क्लेम का स्टेटस भी आसानी से ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर “Application Status” के विकल्प पर क्लिक करना होगा और अपनी Policy ID दर्ज करनी होगी। इसके बाद उन्हें अपने क्लेम की पूरी जानकारी मिल जाएगी।
अगर बात करें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की, तो यह केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसकी शुरुआत 2016 में की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कीट और बीमारियों से फसल को होने वाले नुकसान की भरपाई करना है। इसके जरिए किसानों की आय को स्थिर बनाए रखने का प्रयास किया जाता है।
इस योजना के तहत किसानों को बेहद कम प्रीमियम देना होता है। खरीफ फसल के लिए 2 प्रतिशत, रबी फसल के लिए 1.5 प्रतिशत और बागवानी या वाणिज्यिक फसलों के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम लिया जाता है। बाकी प्रीमियम का भार केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाती हैं, जिससे किसानों पर ज्यादा आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।
राजस्थान में लागू किए गए इस नए प्रावधान से साफ है कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील है और लगातार योजनाओं में सुधार कर रही है। मौसम की अनिश्चितता के इस दौर में PM Fasal Bima Yojana 2026 का यह बदलाव किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर, अब अगर कटाई के बाद भी फसल खराब होती है, तो किसान खुद को असहाय महसूस नहीं करेंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के इस नए अपडेट से उन्हें आर्थिक नुकसान से बचने में बड़ी मदद मिलेगी और खेती के प्रति उनका भरोसा भी मजबूत होगा।









