Share Market Closing Bell Today: भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। एशियाई बाजारों में भी आज बिकवाली हावी रही। भारतीय बाजार में व्यापाक बिकवाली के चलते निवेशकों के करीब 8 लाख करोड़ साफ हो गए हैं।
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कारोबारी दिन के अंत में सेंसेक्स करीब 1690 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ, वहीं निफ्टी भी 487 अंक टूटकर नीचे आ गया। बाजार में आई इस तेज गिरावट के चलते निवेशकों के करीब 8 लाख करोड़ रुपये डूब गए, जिससे बाजार में हड़कंप जैसी स्थिति बन गई।
दिनभर के कारोबार में शुरुआत से ही दबाव देखने को मिला। एशियाई बाजारों में कमजोरी के संकेत पहले से ही मिल रहे थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ नजर आया। जैसे-जैसे ट्रेडिंग आगे बढ़ी, बिकवाली और तेज होती गई और बाजार अपने दिन के निचले स्तर के करीब बंद हुआ।
इस गिरावट की पहली बड़ी वजह वैश्विक संकेत रहे। अमेरिका और एशिया के बाजारों में कमजोरी ने निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया। ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ने के कारण निवेशक जोखिम लेने से बचते नजर आए, जिसका असर घरेलू बाजार पर पड़ा।
दूसरी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में उछाल मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का डर रहता है, जिससे अर्थव्यवस्था पर दबाव बनता है। यही कारण है कि निवेशकों ने सावधानी बरतते हुए अपने पोर्टफोलियो से पैसे निकालने शुरू कर दिए।
तीसरी वजह विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली रही। पिछले कुछ सत्रों से विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। जब FII बड़े पैमाने पर बिकवाली करते हैं, तो बाजार पर सीधा दबाव बनता है और इंडेक्स तेजी से नीचे आ जाते हैं।
चौथी वजह मुनाफावसूली (Profit Booking) को माना जा रहा है। पिछले कुछ समय में बाजार में अच्छी तेजी आई थी, जिसके बाद निवेशकों ने अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए शेयर बेचना शुरू कर दिया। इससे बाजार में गिरावट और तेज हो गई।
पांचवीं और अहम वजह घरेलू आर्थिक चिंताएं और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता रही। महंगाई और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों में डर बना हुआ है। अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो कंपनियों की लागत बढ़ती है और उनके मुनाफे पर असर पड़ता है, जिससे शेयर बाजार कमजोर पड़ता है।
आज की गिरावट में लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। बैंकिंग, आईटी, मेटल और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया। बड़े-बड़े ब्लूचिप स्टॉक्स में भी गिरावट देखने को मिली, जिससे इंडेक्स पर भारी असर पड़ा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी इस गिरावट से अछूते नहीं रहे। इनमें भी भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे छोटे निवेशकों को ज्यादा नुकसान हुआ। कई शेयरों में 5 से 10 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में फिलहाल वोलैटिलिटी बनी रह सकती है। निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करना चाहिए। इस तरह की गिरावट को कई बार खरीदारी के मौके के रूप में भी देखा जाता है, लेकिन सही स्टॉक का चयन जरूरी होता है।
कुल मिलाकर, आज का दिन शेयर बाजार के लिए बेहद खराब रहा। सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट के साथ निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक ग्लोबल संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी।










