नई दिल्ली: ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेक्टर में एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। देश की दिग्गज फूड डिलीवरी कंपनी Zomato ने अपनी Zomato Platform Fee Hike 2026 के तहत प्लेटफॉर्म फीस में बड़ा इजाफा कर दिया है।
अब ग्राहकों को हर ऑर्डर पर ₹14.90 (GST से पहले) की फीस देनी होगी, जो पहले ₹12.50 थी। यह नया नियम 20 मार्च 2026 से लागू हो चुका है और इसका सीधा असर लाखों यूजर्स की जेब पर पड़ने वाला है।

इस बढ़ोतरी को Zomato Fee Increase के रूप में देखा जा रहा है, जो पिछले कुछ महीनों में लगातार हो रही फीस बढ़ोतरी का हिस्सा है। कंपनी ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वह अब अपने बिजनेस मॉडल को अधिक मुनाफे की दिशा में ले जाना चाहती है, भले ही इसके लिए ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ क्यों न डालना पड़े।
अगर पिछले ट्रेंड पर नजर डालें तो यह साफ होता है कि Zomato Platform Fee Hike कोई एकबारगी फैसला नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक कदम है। साल 2023 की शुरुआत में जहां प्लेटफॉर्म फीस महज ₹2 हुआ करती थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग ₹15 तक पहुंच गई है। सितंबर 2025 में भी कंपनी ने फीस में बढ़ोतरी की थी और अब मार्च 2026 में यह दूसरी बड़ी वृद्धि की गई है। यानी सिर्फ दो-तीन साल में फीस में कई गुना बढ़ोतरी हो चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Zomato Platform Fee Hike 2026 के पीछे कंपनी की यूनिट इकोनॉमिक्स को मजबूत करने की रणनीति है। पहले फूड डिलीवरी कंपनियां ज्यादा से ज्यादा ऑर्डर हासिल करने पर ध्यान देती थीं, लेकिन अब फोकस प्रति ऑर्डर कमाई पर आ गया है। कंपनी चाहती है कि हर ऑर्डर से अधिक रेवेन्यू मिले, ताकि ऑपरेशन की लागत को संतुलित किया जा सके।
दरअसल, फूड डिलीवरी बिजनेस में लागत लगातार बढ़ रही है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर डिलीवरी खर्च पर पड़ता है। डिलीवरी पार्टनर्स के इंसेंटिव, लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी कंपनियों का खर्च बढ़ रहा है। ऐसे में Zomato Fee Increase को कंपनी के लिए जरूरी कदम माना जा रहा है।
हालांकि इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर आम ग्राहकों पर पड़ेगा, खासकर उन लोगों पर जो छोटे ऑर्डर करते हैं। मान लीजिए कोई ग्राहक ₹200 का खाना ऑर्डर करता है, तो अब उसे डिलीवरी चार्ज, रेस्टोरेंट चार्ज, GST और ₹14.90 की प्लेटफॉर्म फीस भी देनी होगी। इस तरह कुल बिल में 10-15% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यही वजह है कि Zomato Platform Fee Hike को लेकर सोशल मीडिया पर भी यूजर्स की नाराजगी देखने को मिल रही है।
यहां तक कि कंपनी के प्रीमियम यूजर्स, जो Zomato Gold या अन्य मेंबरशिप का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें भी इस फीस से राहत नहीं मिली है। भले ही उन्हें फ्री डिलीवरी मिलती हो, लेकिन प्लेटफॉर्म फीस हर ऑर्डर पर अनिवार्य रूप से लागू रहेगी। इससे साफ है कि Zomato Platform Fee Hike 2026 का दायरा सभी यूजर्स तक फैला हुआ है।
अगर प्रतिस्पर्धा की बात करें तो बाजार में Swiggy भी इसी तरह की रणनीति अपना रहा है। फिलहाल स्विगी भी टैक्स सहित लगभग ₹14.99 की प्लेटफॉर्म फीस वसूल रहा है। आमतौर पर देखा गया है कि जब एक कंपनी कीमतें बढ़ाती है, तो दूसरी भी उसी दिशा में कदम बढ़ाती है। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले समय में फूड डिलीवरी सेक्टर में फीस और बढ़ सकती है।
हालांकि इस बार बाजार में एक नया खिलाड़ी भी एंट्री कर चुका है, जो इस पूरी तस्वीर को बदल सकता है। Rapido ने अपनी फूड डिलीवरी सर्विस ‘Only’ के साथ बाजार में कदम रखा है और दावा किया है कि वह ग्राहकों से प्लेटफॉर्म फीस नहीं लेगा। अगर यह मॉडल सफल होता है, तो यह Zomato Platform Fee Hike जैसी नीतियों को चुनौती दे सकता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि Zomato Fee Increase का असर सिर्फ ग्राहकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह रेस्टोरेंट पार्टनर्स और डिलीवरी पार्टनर्स पर भी पड़ सकता है। अगर ऑर्डर की संख्या कम होती है, तो रेस्टोरेंट्स की बिक्री पर असर पड़ेगा और डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई भी प्रभावित हो सकती है।
वहीं दूसरी तरफ, कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि ग्राहकों के पास विकल्प सीमित हैं। बड़े शहरों में फूड डिलीवरी की आदत अब लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुकी है, ऐसे में लोग थोड़ा ज्यादा खर्च करने के बावजूद इन सेवाओं का उपयोग जारी रख सकते हैं। यही वजह है कि Zomato Platform Fee Hike 2026 के बावजूद कंपनी को ज्यादा नुकसान होने की संभावना कम मानी जा रही है।
लेकिन अगर लगातार फीस बढ़ती रही, तो यह ग्राहकों के व्यवहार को बदल सकती है। लोग बाहर से खाना मंगाने की बजाय घर पर खाना बनाना या सीधे रेस्टोरेंट जाकर खाना पसंद कर सकते हैं। इससे फूड डिलीवरी कंपनियों की ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, Zomato Platform Fee Hike एक ऐसा फैसला है, जो कंपनी के मुनाफे को बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है, लेकिन इसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ग्राहक इस बढ़ोतरी को स्वीकार करते हैं या फिर बाजार में नए विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
फिलहाल इतना तय है कि Zomato Platform Fee Hike 2026 ने फूड डिलीवरी सेक्टर में एक नई बहस छेड़ दी है—क्या सुविधा के लिए ज्यादा कीमत चुकाना सही है या अब सस्ते विकल्पों की तलाश शुरू होगी।







