नई दिल्ली में चल रहे मानहानि मामला में कांग्रेस अध्यक्ष को फिलहाल राहत मिली है। Delhi Court ने इस केस में सुनवाई करते हुए Mallikarjun Kharge को जवाब दाखिल करने के लिए और समय दे दिया है। यह मामला बीजेपी और आरएसएस को लेकर दिए गए कथित अपमानजनक बयान से जुड़ा हुआ है, जिस पर अब अदालत में सुनवाई जारी है।

दिल्ली के राऊज एवेन्यू स्थित सेशंस कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई, जहां स्पेशल जज Jitendra Singh ने खड़गे को जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय देने का फैसला लिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को तय की है। इस Defamation Case में अदालत ने साफ किया कि तय समयसीमा के भीतर जवाब दाखिल किया जाना चाहिए।
सुनवाई के दौरान खड़गे की ओर से पेश वकील Isha Bakshi ने अदालत से याचिका का जवाब दाखिल करने और वकालतनामा पेश करने के लिए और समय की मांग की। कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार करते हुए 1 अप्रैल से पहले जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। इस तरह फिलहाल मानहानि मामला में खड़गे को थोड़ी राहत जरूर मिल गई है।
दरअसल, यह पूरा मामला उस याचिका से जुड़ा है जिसमें ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें खड़गे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया गया था। इससे पहले तीस हजारी कोर्ट के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग को खारिज कर दिया था। इसके बाद याचिकाकर्ता ने सेशंस कोर्ट का रुख किया।
इस केस में याचिकाकर्ता Ravinder Gupta हैं, जिन्होंने अदालत में दावा किया है कि खड़गे के बयान से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। याचिका के अनुसार, खड़गे ने 27 अप्रैल 2023 को कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी और आरएसएस के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए थे।
याचिका में यह भी कहा गया है कि Narendra Modi के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए गए थे। हालांकि बाद में खड़गे ने स्पष्ट किया था कि उनका बयान सीधे तौर पर प्रधानमंत्री के खिलाफ नहीं बल्कि आरएसएस और बीजेपी के संदर्भ में था। इसके बावजूद यह मामला Defamation Case के रूप में अदालत में पहुंच गया।
इससे पहले 29 जनवरी को अदालत ने खड़गे को नोटिस जारी किया था और उनसे जवाब मांगा था। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि खड़गे राज्यसभा सांसद हैं, जिसके चलते यह याचिका राऊज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में दायर की गई है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वकील Gagan Gandhi ने दलील दी कि आरएसएस के सदस्य होने के नाते उनके मुवक्किल खड़गे के बयान से आहत हैं और इस पर कानूनी कार्रवाई जरूरी है। वहीं, मामले की जांच के लिए अदालत ने पहले सब्जी मंडी पुलिस थाने से एक्शन टेकन रिपोर्ट भी मांगी थी।
पुलिस की ओर से दाखिल रिपोर्ट में कहा गया कि कथित बयान कर्नाटक में दिया गया था, इसलिए यह मामला सब्जी मंडी थाने के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। इस रिपोर्ट के बाद भी मामला अदालत में विचाराधीन है और आगे की सुनवाई में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हो सकती है।
फिलहाल, मानहानि मामला में अदालत का रुख संतुलित नजर आ रहा है, जहां दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जा रहा है। 1 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई में यह साफ हो सकता है कि मामले की दिशा क्या होगी और क्या आगे कोई सख्त कदम उठाया जाएगा।
कुल मिलाकर, Mallikarjun Kharge Defamation Case राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से अहम बन गया है। आने वाले दिनों में यह मामला और भी सुर्खियों में रह सकता है, क्योंकि इसमें बड़े राजनीतिक दलों और संगठनों के नाम जुड़े हुए हैं।










