राज्यसभा चुनाव 2026 में हुई क्रॉस वोटिंग पर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। हरियाणा और ओडिशा में पार्टी के विधायकों द्वारा पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर वोट देने के बाद आलाकमान ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।

राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के मुद्दे पर कांग्रेस ने अब सख्त रुख अपना लिया है। पार्टी ने अनुशासनहीनता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाते हुए उन बागी विधायकों के नाम सार्वजनिक कर दिए हैं, जिन्होंने मतदान के दौरान पार्टी लाइन से हटकर वोट किया था। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।
हरियाणा में क्रॉस वोटिंग और कार्रवाई
हरियाणा की दो सीटों पर हुए मतदान में कांग्रेस उम्मीदवार
करमवीर सिंह बौद्ध की बेहद करीबी मुकाबले में जीत के बाद पार्टी ने 4 विधायकों के नाम उजागर किए हैं। इन पर विपक्षी या निर्दलीय उम्मीदवारों के पक्ष में वोट देने या अपने वोट अवैध करवाने का आरोप है:
- उजागर किए गए नाम: खबरों के अनुसार, क्रॉस वोटिंग विवाद में घिरे विधायकों में शैली चौधरी, रेणु बाला, और दो अन्य विधायक शामिल हैं।
- इस्तीफा: क्रॉस वोटिंग के आरोपों के बीच शैली चौधरी के पति रामकिशन गुर्जर ने कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष पद और पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
- नोटिस: पार्टी प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद ने पुष्टि की है कि इन विधायकों को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show-cause notice) जारी किया जा रहा है।
ओडिशा में 3 विधायक निलंबित
- ओडिशा में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार
- दिलीप रे के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने वाले 3 विधायकों को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है।
- निलंबित विधायक:
- सोफिया फिरदौस (कटक-बाराबती)
- रमेश चंद्र जैना (सनाकखेमुंडी)
- दशरथी गोमांगो (मोहना)
- अयोग्यता की मांग: ओडिशा प्रदेश कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष से इन विधायकों को 10वीं अनुसूची (दलबदल कानून) के तहत अयोग्य घोषित करने की मांग भी की है|
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने फिलहाल 4 विधायकों की पहचान उजागर की है और इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि राज्यसभा चुनाव जैसे महत्वपूर्ण मतदान में क्रॉस वोटिंग पार्टी की एकता और अनुशासन पर सीधा सवाल खड़ा करती है, जिसे किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
जिन विधायकों के नाम सामने आए हैं, उनमें नारायणगढ़ से शैली चौधरी, पुनहाना से मोहम्मद इलियास, हथीन से मोहम्मद इसराइल और साढ़ौरा से विधायक रेणु बाला शामिल हैं। इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने पार्टी के निर्देशों के विपरीत जाकर वोटिंग की।
सूत्र यह भी बता रहे हैं कि क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों की कुल संख्या 5 है, लेकिन कांग्रेस ने अभी केवल 4 नाम ही सार्वजनिक किए हैं। एक अन्य विधायक का नाम अभी सामने नहीं लाया गया है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर जारी है।
कांग्रेस जल्द ही इन विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी करेगी, जिसमें उनसे जवाब मांगा जाएगा कि उन्होंने पार्टी के निर्देशों के खिलाफ जाकर ऐसा कदम क्यों उठाया। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने की स्थिति में पार्टी कड़ी कार्रवाई कर सकती है, जिसमें निलंबन या अन्य अनुशासनात्मक कदम शामिल हो सकते हैं।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। नेतृत्व का स्पष्ट संदेश है कि पार्टी लाइन से हटकर कोई भी कदम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्यसभा चुनाव जैसे अहम मौके पर हुई इस क्रॉस वोटिंग को कांग्रेस अपनी साख से जुड़ा मुद्दा मान रही है।
इस घटनाक्रम के बाद हरियाणा की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस इन बागी विधायकों के खिलाफ क्या ठोस कदम उठाती है और इसका राज्य की राजनीतिक स्थिति पर क्या असर पड़ता है।
मुख्य घटनाक्रम
- वोटों का गणित: हरियाणा में कांग्रेस के पास 37 विधायक थे, लेकिन जीत के लिए जरूरी 31 के मुकाबले उनके प्रत्याशी को मात्र 28 वोट ही मिले।
- आरोप: विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे ‘वोट चोरी’ का प्रयास बताया और कहा कि पार्टी धोखेबाजों के खिलाफ उचित कदम उठाएगी।










