Driving License Renewal: मध्य प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूअल को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब 15 साल पूरे होने के बाद लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फेस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। परिवहन विभाग ने इस नई प्रणाली को लागू करने का फैसला लिया है, जिससे पूरी प्रक्रिया पहले से ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बन सके।
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क्या है नया नियम
नई व्यवस्था के तहत जब कोई व्यक्ति अपना ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए आवेदन करेगा, तो उसे अपने चेहरे का डिजिटल सत्यापन कराना होगा। AI सॉफ्टवेयर पुराने लाइसेंस में लगी फोटो और वर्तमान आवेदक के चेहरे का मिलान करेगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वही व्यक्ति लाइसेंस रिन्यू करवा रहा है, जिसने 15 साल पहले इसे बनवाया था।
फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
अक्सर देखने में आता है कि पुराने लाइसेंस का गलत इस्तेमाल कर कोई दूसरा व्यक्ति भी रिन्यूअल कराने की कोशिश करता है। नई AI तकनीक ऐसे मामलों पर काफी हद तक रोक लगाएगी। साथ ही साइबर धोखाधड़ी और गलत पहचान की समस्या को भी कम करने में मदद मिलेगी।
भोपाल से होगी शुरुआत
परिवहन आयुक्त उमेश जोगा ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के सहयोग से तैयार इस सॉफ्टवेयर को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसकी शुरुआत सबसे पहले भोपाल के RTO से की जाएगी। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
क्यों जरूरी था यह बदलाव
मध्य प्रदेश में इस समय करीब 70 लाख ड्राइविंग लाइसेंस सक्रिय हैं और हर साल लगभग 6 लाख नए लाइसेंस जारी होते हैं। आने वाले समय में बड़ी संख्या में लाइसेंस रिन्यूअल के मामले सामने आएंगे। ऐसे में पुराने फोटो के आधार पर सही व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल हो जाता है, इसलिए यह कदम उठाया गया है।
ऑनलाइन रिन्यूअल प्रक्रिया
- ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराने की प्रक्रिया को ऑनलाइन और आसान बनाया गया है:
- परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाएं
- “Driving License Related Services” पर क्लिक करें
- राज्य में Madhya Pradesh चुनें
- “Apply for DL Renewal” विकल्प चुनें
- DL नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करें (फॉर्म-9, फॉर्म-1A, पुराना लाइसेंस)
- ऑनलाइन फीस जमा करें
- RTO में सत्यापन के लिए अपॉइंटमेंट बुक करें
क्या होगा फायदा
इस नई प्रणाली के लागू होने से लाइसेंस रिन्यूअल प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी। फर्जी लाइसेंस पर रोक लगेगी और आम लोगों को ज्यादा भरोसेमंद सेवा मिलेगी। आने वाले समय में सरकारी सेवाओं में AI तकनीक का उपयोग और बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।










