Stock Market View: शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के दबाव में बाजार एक फीसदी से ज्यादा टूटकर बंद हुआ। निवेशकों की चिंताओं का सीधा असर प्रमुख सूचकांकों पर दिखा।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 961.42 अंक यानी 1.17 फीसदी गिरकर 81,287.19 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 1,089.46 अंक तक लुढ़ककर 81,159.15 के निचले स्तर तक पहुंच गया था।
वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 317.90 अंक यानी 1.25 फीसदी टूटकर 25,178.65 पर बंद हुआ। पूरे दिन बाजार में दबाव बना रहा और रिकवरी की कोशिशें टिक नहीं सकीं।
गिरावट की बड़ी वजह क्या रही?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका–ईरान परमाणु वार्ता में प्रगति न होने से मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका गहरा गई है। इस भू-राजनीतिक अनिश्चितता का असर वैश्विक बाजारों पर पड़ा और भारतीय शेयर बाजार भी इससे अछूता नहीं रहा।
इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली ने बाजार की कमजोरी को और बढ़ाया। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को एफआईआई ने 3,465.99 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,031.57 करोड़ रुपये की खरीदारी कर कुछ हद तक गिरावट को संभालने की कोशिश की।
Stock Market Crash 27 फरवरी 2026 – पूरा ओवरव्यू टेबल
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| खबर की तारीख | 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) |
| बाजार की स्थिति | भारी गिरावट, 1% से अधिक की कमजोरी |
| BSE सेंसेक्स क्लोजिंग | 81,287.19 |
| सेंसेक्स में गिरावट | 961.42 अंक (-1.17%) |
| दिन का निचला स्तर | 81,159.15 |
| NSE निफ्टी क्लोजिंग | 25,178.65 |
| निफ्टी में गिरावट | 317.90 अंक (-1.25%) |
| गिरावट की मुख्य वजह | भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक कमजोरी, FII बिकवाली |
| अंतरराष्ट्रीय कारण | अमेरिका–ईरान परमाणु वार्ता में प्रगति नहीं, मिडिल ईस्ट तनाव |
| FII (विदेशी निवेशक) गतिविधि | ₹3,465.99 करोड़ की बिकवाली |
| DII (घरेलू निवेशक) गतिविधि | ₹5,031.57 करोड़ की खरीदारी |
| सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टर | फार्मा, ऑटो, फाइनेंशियल, एविएशन |
| प्रमुख गिरने वाले शेयर | सन फार्मा, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, एमएंडएम, मारुति |
| मजबूती दिखाने वाले शेयर | एचसीएल टेक, ट्रेंट, इन्फोसिस, इटर्नल |
| निवेशकों के लिए संकेत | बाजार में निकट अवधि में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है |
| बाजार का ट्रेंड | कमजोर, ग्लोबल संकेतों पर निर्भर |
किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा गिरावट?
सेंसेक्स पैक में फार्मा, ऑटो, एविएशन और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला।
इन कंपनियों के शेयरों में प्रमुख गिरावट दर्ज की गई।
किन शेयरों ने दिया सहारा?
बाजार में भारी दबाव के बीच कुछ आईटी और रिटेल शेयरों ने मजबूती दिखाई।
- HCL Tech
- Trent
- Infosys
- Eternal
इन शेयरों में खरीदारी से बाजार को सीमित समर्थन मिला, लेकिन व्यापक कमजोरी के सामने यह टिक नहीं सका।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
लगातार एफआईआई आउटफ्लो, वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करेंगे। जब तक वैश्विक हालात में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए गुणवत्ता वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए और लंबी अवधि की रणनीति अपनानी चाहिए।
फिलहाल बाजार की चाल यह संकेत दे रही है कि वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां आने वाले सत्रों में भी भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगी।









